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इंग्लैंड में भारतीय टीम को इन चार पहेलियों को सुलझाना होगा

Rahul Dravid chats with Rishabh Pant PTI

भारत सोमवार को बर्मिंघम पहुंच चुका है और एजबेस्टन टेस्ट की तैयारी कर रहा है। एक जुलाई से यह मैच शुरू होगा, जो 2021 में शुरू हुए पटौदी ट्रॉफ़ी का आख़िरी टेस्ट मैच होगा। पांच मैच की टेस्ट सीरीज़ में चार मैच पिछले साल खेले गए थे।

हालांकि उसके बाद भारतीय टीम के लिए काफ़ी कुछ बदल चुका है। भारतीय टीम को एक नया कप्तान और नया कोच मिल चुका है। ईएसपीएनक्रिकइंफ़ो ने भारतीय टीम के चयन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को सामने लाने का प्रयास किया है।

अगर रोहित शर्मा नहीं खेलते हैं तो ओपन कौन करेगा?

अगर रोहित शर्मा फ़िट हो जाते हैं तब तो कोई चिंता ही नहीं है। वैसे में इस सवाल का औचित्य ही ख़त्म हो जाएगा। तब रोहित के साथ शुभमन गिल सलामी बल्लेबाज़ी करेंगे। गिल ने वॉर्म अप मैच में तीन बार बल्लेबाज़ी की थी। अगर रोहित कोविड 19 संक्रमण से ठीक नहीं हो पाते हैं तो भारतीय टीम को गिल का जोड़ीदार ढूंढना पड़ेगा। टीम के पास तीन विकल्प होंगे: चेतेश्वर पुजारा, केएस भरत और मयंक अग्रवाल। मयंक मैच से तीन दिन पहले बर्मिंघम पहुंचेंगे। पुजारा ने इस से पहले भी ओपन किया है। पिछली बार उन्होंने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ घरेलू धरती पर गिल के चोटिल होने के बाद ओपन किया था। मयंक एक विशेषज्ञ ओपनर हैं, लेकिन उनके पास अभ्यास करने के लिए काफ़ी कम समय बचा है और ऐसे में जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और मैथ्यू पॉट्स का सामना करना आसान नहीं होगा।

भरत को टीम में दूसरे विकेटकीपर के रूप में शामिल किया गया था। उनको टीम में दो कारणों से शामिल किया जा सकता है। वह उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों में से हैं, जिन्होंने अभ्यास मैच की दोनों पारियों में रन बनाया था। लेस्टरशायर के जिस बोलिंग अटैक के सामने वह बल्लेबाज़ी कर रहे थे, उसमें जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा और नवदीप सैनी जैसे गेंदबाज़ शामिल थे। इसके अलावा उनके पास ओपन करने का एक लंबा अनुभव है। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 77 बार इस जिम्मेदारी को संभाला है। अगर उन्हें यह मौक़ा मिल जाता है तो उनके लिए शायद यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।

क्या पुजारा को नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करना चाहिए?

भारतीय चयनकर्ताओं ने इस साल की शुरुआत में श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेली गई घरेलू श्रृंखला में अजिंक्य रहाणे के साथ पुजारा को टीम से बाहर रखने का निर्णय लिया था। उस वक़्त पुजारा लंबे समय से ख़राब फ़ॉर्म से जूझ रहे थे। 2020 की शुरुआत से अब तक 20 टेस्ट में उनका औसत सिर्फ 26.29 था। अब भारतीय चयनकर्ता विराट कोहली के साथ मध्यक्रम में नए बल्लेबाज़ों की तलाश कर रहे थे।

हालांकि हमेशा की तरह दृढ़ पुजारा ने काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन 2 में ससेक्स के साथ एक छोटे से कार्यकाल में रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने चयनकर्ताओं को एजबेस्टन टेस्ट के लिए टीम में उन्हें शामिल करने के लिए पर्याप्त कारण दिए।

इसी कारणवश टीम में पुजारा को एक बार फिर से नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करने का मौक़ा दिया जा सकता है, जहां वह सालों से बल्लेबाज़ी करते आए हैं। हालांकि नंबर तीन पर बल्लेबाज़ी करने की सूची में हनुमा विहारी का भी नाम सामने आ सकता है। मार्च में श्रीलंका के ख़िलाफ़ उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी की थी। इस दौरान अपनी तीन पारियों में उन्होंने एक अर्धशतक बनाया था। इसके अलावा अभ्यास मैच में लेस्टरशायर के ख़िलाफ़ उन्होंने दो बार नंबर तीन पर और एक बार नंबर चार पर बल्लेबाज़ी की। हालांकि इस मैच में उन्होंने 3, 20 और 23 का निजी स्कोर बनाया।

चयनकर्ता और टीम प्रबंधन चाहते हैं कि विहारी अपना आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अधिक अनुभव हासिल करें। वहीं पुजारा के पास इंग्लैंड में अनुभव और रन दोनों है। वह पिछले साल पहले चार टेस्ट मैचों में भारत के तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी थे, जिसमें लॉर्ड्स और द ओवल में भारत की जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।

वैसे दोनों खिलाड़ियों को मध्य क्रम में खेलने का मौक़ा मिल सकता है। अगर भारत श्रेयस अय्यर को टीम में शामिल नहीं करता है तो ऐसा हो सकता है। श्रेयस भारतीय टीम के मौजूदा नंबर पांच बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत में ही तीन अर्धशतक और एक शतक लगाया है। ऐसे में उनका टीम से बाहर होना थोड़ा मुश्किल ही लगता है।

क्या अश्विन को टीम में शामिल किया जाएगा?

आर अश्विन पिछले साल इंग्लैंड में खेले गए सभी चार टेस्ट मैचों में बेंच पर बैठे हुए थे। विराट कोहली, रवि शास्त्री और गेंदबाज़ी कोच भरत अरुण ने टीम में सिर्फ़ रवींद्र जाडेजा को शामिल करने का निर्णय लिया था। भारत ने साउथैम्प्टन में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में मिली हार के बाद शार्दुल ठाकुर को दूसरे ऑलराउंडर के रूप में प्राथमिकता दी है।

कोविड 19 से संक्रमित होने के कारण अश्विन टीम के साथ थोड़ी देर से जुड़े। अभ्यास मैच के अंतिम पारी में गेंदबाज़ी करते हुए उन्होंने दो विकेट भी लिए। पिछले साल इंग्लैंड की पिच काफ़ी हरी थी। यह गेंदबाज़ों को काफ़ी मदद कर रही थी। हालांकि इस साल इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड की सीरीज़ में जम कर रन बन रहे हैं। इस बार जिन ड्यूक गेंदों का प्रयोग हो रहा है, उससे गेंदबाज़ों को मदद भी थोड़ी सी कम मिल रही है। साथ ही तीसरे टेस्ट में जैक लीच ने 10 विकेट भी हासिल कए।

एजबेस्टन की परिस्थितियां यह तय कर सकती हैं कि अश्विन को मौक़ा मिलेगा या नहीं। अगर वहां की पिच उसी तरह की है, जैसी न्यूज़ीलैंड के साथ खेली गई तीन टेस्टों में थी तो भारत दो स्पिनरों को टीम में शामिल कर सकता है। अगर पिच पिछले साल की तरह है तब तो भारतीय टीम चार तेज़ गेंदबाज़ों के साथ ही पिच पर उतरेगी और ऐसे में अश्विन को टीम से बाहर होना पड़ेगा।

कौन होगा भारत की तीसरा तेज़ गेंदबाज़

अभ्यास मैच में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी ने यह दिखा दिया कि वह इस टेस्ट मैच के लिए बिल्कुल तैयार हैं। भारतीय गेंदबाज़ी क्रम में सिर्फ़ एक ही प्रश्न बचता है कि टीम तीसरा तेज़ गेंदबाज़ कौन होगा। पिछले साल मोहम्मद सिराज ने इंग्लैंड में चार मैचों में 14 विकेट लिए थे। साथ ही लॉर्ड्स टेस्ट में उन्होंने आठ विकेट हासिल किए थे।

ओवल में भारतीय टीम ने उमेश यादव को शामिल किया था। उस मैच में उन्होंने भी कमाल की गेंदबाज़ी की थी और छह विकेट लिए थे, जिसमें जो रूट का भी विकेट शामिल था। उस वजह से वह अंतिम टेस्ट में शामिल होने के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे लेकिन वह मैच रद्द हो गया।

कुल मिला कर दोनों गेंदबाज़ एक बार फिर पिच पर उतर कर अपना जलवा बिखेरने के लिए तैयार होंगे।